श्वसन क्या है ? हिंदी में। ( What is Respiration? in Hindi )

        श्वसन क्या है ?

 

           ‘श्वसन (Respiration)’ ऐसी प्रक्रिया है जिसमें वायु जीवधारी के शरीर में प्रवेश करता है जिसका उपयोग वह जैव प्रक्रम के लिए ऊर्जा प्रदान के लिए करती है। कुछ जीव ऑक्सीजन का उपभोग, ग्लूकोज को पूरी तरह से कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल में विखंडित करने के लिए करते हैं। जबकि कुछ अन्य जीव दूसरे पथ का उपयोग करते हैं जिसमें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है। पहली अवस्था में छः कार्बन वाला ग्लूकोज , तीन कार्बन वाले अणु पायरूवेट में विखंडन होता है।  यह प्रक्रम कोशिकाद्रव्य में  होता है।

 

 क्रिया के आधार पर श्वसन दो प्रकार के होते हैं –

  1. अवायवीय श्वसन
  2. वायवीय श्वसन

जब पायरूवेट इथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है। यह प्रक्रम यीस्ट में किण्वन के प्रक्रिया के समय होता है। क्योंकि यह प्रक्रम वायु ( ऑक्सीजन ) की अनुपस्तिथि में होता है, इसलिए इसे ‘अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration)’ कहते हैं।

पायरूवेट  का विखंडन ऑक्सीजन की उपयोग करके माइटोकांड्रिया में होता है। इसमें तीन कार्बन वाले पायरूवेट विखंडित होकर तीन कार्बन डाइऑक्साइड के अणु देता है। क्योंकि यह प्रक्रम वायु ( ऑक्सीजन ) की उपस्थिति में होता है, इसलिए इसे ‘वायवीय श्वसन (Pneumatic Respiration )’कहते हैं। वायवीय श्वसन में ऊर्जा का मोचन ( उपयोग ) अवायवीय श्वसन की अपेक्षा अधिक होता है।

जब कभी हमारे पेशी कोशिकाओं में ऑक्सीजन की कमी होती है तो पायरूवेट का विखंडन दूसरी विधि से होता है। इसमें पायरूवेट एक अन्य तीन कार्बन वाले अणु ‘लैक्टिक अम्ल ( Lactic Acid )’ परिवर्तित हो जाता है। अचानक किसी प्रक्रिया के होने से हमारी पेशियों में लैक्टिक अम्ल का निर्माण होना क्रैम्प के कारण हो सकता है।

 

कोशिकीय श्वसन द्वारा मोचित ऊर्जा तुरंत ए.टी.पी. (ATP) नामक अणु के संश्लेषण में प्रयुक्त हो जाती है। जो कोशिका की अन्य क्रियाओं के लिए ईंधन की तरह उपयोग में लाया जाता है। ए.टी.पी. के विखंडन से एक निश्चित मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है जो कोशिका के अंदर होने वाली आन्तरोष्मि (Endothermic) क्रियाओं का परिचालन करती है।

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