रासायनिक अभिक्रिया तथा उनके प्रकार : हिंदी में (Chemical Reactions and Its Types in Hindi)

रासायनिक अभिक्रिया [CHEMICAL REACTION] –

Chemical Reactions


रासायनिक अभिक्रिया के समय किसी एक तत्व का परमाणु दूसरे तत्वों के परमाणु में नहीं बदलता है। ना तो कोई परमाणु मिश्रण से बाहर जाता है और ना ही बाहर से मिश्रण में आता है। वास्तविक रुप से, किसी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं की आपसी आबंध के टूटने एवं जुड़ने से नए पदार्थों का निर्माण होता है।

 


रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार [Types of Chemical Reactions]

रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार निम्नलिखित हैं –

1.संयोजन अभिक्रिया [Combination Reaction] – इस प्रकार के अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर किसी एक उत्पाद का निर्माण करते हैं, ”संयोजन अभिक्रिया” कहलाती है।

जब कैल्शियम ऑक्साइड,  जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके बुझे हुए चूने (कैल्शियम  हाइड्रोक्साइड) का निर्माण करता है। तब वह अधिक मात्रा में उसमें उत्पन्न करता है।

CaO (s) + H2O (l) Ca(OH)2 (aq) + ऊष्मा

इस अभिक्रिया में कैल्सियम ऑक्साइड तथा जल मिलकर एकल उत्पाद, कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड बनाते हैं ।

 

संयोजन अभिक्रिया के कुछ अन्य उदहारण 

(i) कोयले का दहन (Combustion of Coal) –

C (s) + O2CO2 (g)

 

(ii) हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन से जल का निर्माण (Formation of Water from Hydrogen and Oxygen) –

2H2 (g) + O2 (g) ➡ 2H2O (l)

आसान शब्दों में कहा हा सकता है कि जब दो या दो से अधिक पदार्थ ( तत्व या यौगिक ) संयोग करके  एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं, ऐसी अभिक्रियाओं को संयोजन अभिक्रिया कहते हैं ।

जिन अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है उन्हें ”उष्मक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया” कहते हैं ।

(i) प्राकृतिक गैस का दहन (Natural Gas Combustion) –

CH4 (g) + 2O2 (g) ➡ CO2 +2H2O (g) + उर्जा

(ii) हम जानते हैं कि जीवित रहने के लिए हमे ऊर्जा की आवश्यकता होती है । यह ऊर्जा हमें भोजन से प्राप्त होती है । पाचन क्रिया के समय खाद्य पदार्थ छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं । चावल, आलू तथा ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है । इन कार्बोहाइड्रेट के टूटने से ग्लूकोज प्राप्त होता है । यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर हमे ऊर्जा प्रदान करता है । इस अभिक्रिया का विशेष ना श्वसन है ।

C6H12O6 (aq) + 6O2 (aq) ➡ 6CO2 (aq) + 6H2O (l) + ऊर्जा

(iii)  शाक-सब्जियों का विघटित होकर कंपोस्ट बनना भी उष्माक्षेपी अभिक्रिया है ।

 


2. वियोजन (विघटन) अभिक्रिया [Dissociation Reaction] – इस प्रकार के रासायनिक अभिक्रियाओं में एकल अभिकर्मक टूट कर छोटे-छोटे उत्पाद प्रदान करता है, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है ।

गर्म करने पर फेरस सल्फेट [FeSO4.7H2O] का क्रिस्टल जल को त्याग देता है और क्रिस्टल का रंग बदल जाता है । इसके बाद यह फेरिक ऑक्साइड [Fe2O3], में सल्फर डाइऑक्साइड [SO2] तथा सल्फर ट्राईऑक्साइड [SO3] में वियोजित हो जाता है । फेरिक ऑक्साइड ठोस है लेकिन SO2तथा SO3 गैसें हैं ।

2FeSO4 (s) ➡ Fe2O3 (s) + SO2 (g) + SO3 (g)

ऊष्मा देने पर कैल्सियम कार्बोनेट का कैल्सियम ऑक्साइड तथा कार्बन डाइऑक्साइड में वियोजित होना एक प्रमुख वियोजन अभिक्रिया है जिसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में होता है । कैल्सियम ऑक्साइड को चूना या ‘बिना बुझा हुआ चूना ‘ कहते हैं । ऊष्मा के द्वारा की गई वियोजन अभिक्रिया को ”उष्मीय वियोजन अभिक्रिया” कहते हैं ।

CaCO3 (s) ➡ CaO (s) + CO2 (g)

उष्मीय अभिक्रिया के महत्पूर्ण उदाहरण –

  1. लेड नाइट्रेट को गर्म करने पर वियोजित होकर टूट जाता है, जिसमें नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ( NO2) के भूरे रंग का धुंआ निकलता है।

2Pb( NO3)2 (s) ➡️ 2PbO (s) + 4NO2 (g) + O2(g)

 

2. सिल्वर क्लोराइड सूर्य के प्रकाश के साथ अभिक्रिया करके भूरे रंग का हो जाता है।  ये अभिक्रिया प्रकाश की उपस्थिति में सिल्वर क्लोराइड का सिल्वर तथा क्लोरीन में वियोजन के कारण टूट जाता है।

2AgCl (s) ➡️ 2Ag (s) + Cl2 (g)

3. सिल्वर ब्रोमाइड भी इसी तरह अभिक्रिया करके क्लोरीन तथा ब्रोमीन को वियोजित करता है। इस अभिक्रिया का उपयोग श्याम-श्वेत फोटोग्राफी (Black and White Photography)  में किया जाता है।

2AgBr (s) ➡️ 2Ag (s) + Br2 (g)

हमने इन उदाहारणों के माध्यम से देखा हैं कि वियोजन अभिक्रिया में अभिकारकों को टूटने के लिए प्रकाश, ऊष्मा या विद्युत की आवश्यकता पड़ती है। अतः वियोजन अभिक्रिया एक ऊष्माशोषी अभिक्रिया है।

 

इसे भी पढ़ें – रासायनिक समीकरण को संतुलित कैसे करें ?

 


3. विस्थापन अभिक्रिया [Displacement Reaction] – 

रासायनिक अभिक्रिया में जब अभिकारक का एक अधिक क्रियाशील तत्व अभिकारक में उपस्थित दूसरे यौगिक के साथ अभिक्रिया करके तत्वों की अदला बदली कर लेते है, ऐसे अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।

उदाहरण के लिए, जब लोहा और कॉपर सल्फेट के विलियन को मिलाया जाता है तो इस अभिक्रिया में लोहा, कॉपर सल्फेट के विलियन से कॉपर को विस्थापित कर देता है।

Fe (s) + CuSO4 (aq) ➡️ FeSO4 (aq) + Cu (s)

जब जिंक (Zinc) और कॉपर सल्फेट (Copper Sulfate) का अभिक्रिया कराया जाता है, तो विस्थापन अभिक्रिया प्राप्त होती है।

Zn (s) + CuSO4 (aq) ➡️ ZnSO4 (aq) + Cu (s)

Zn (s) + CuCl2 (aq) ➡️ PbCl2 (aq)+ Cu (s)

उपरोक्त अभिक्रिया में जिंक और लेड, कॉपर की अपेक्षा अधिक क्रियाशील तत्व हैं, इसलिए वे काॅपर को यौगिक से विस्थापित कर देते हैं।

 


द्वि-विस्थापन अभिक्रिया [Double Displacement Reaction] –

ऐसी अभिक्रियाएं जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, उन्हें द्वि-विस्थापन अभिक्रियाएं कहते हैं। आसान शब्दों में, ऐसी अभिक्रिया जिसके अभिकारक यौगिकों के तत्व आपस में एक दूसरे से अदला बदली कर लेते हैं द्विविस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

Na2SO4 (aq) + BaCL2 (aq) ➡️ BaSO4 (s) + 2NaCl (aq)

जब सोडियम सल्फेट (Sodium Sulfate) के विलयन में बेरियम क्लोराइड (Barium Chloride) का विलयन मिलाया जाता है तो उस श्वेत रंग के एक पदार्थ का निर्माण होता है। जो जल में अविलेय होता है। इस अविलेय पदार्थ को अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं। जिस अभिक्रिया में अवक्षेप का निर्माण होता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation reaction) कहते हैं। उपरोक्त अभिक्रिया इसका है।

 


उपचयन एवं अपचयन अभिक्रियाएं [Oxidation and Reduction Reactions] –

रासायनिक अभिक्रिया के समय जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि होती है तो उस पदार्थ का उपचयन या ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है। तथा जब अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास होता है तो उस पदार्थ का अपचयन (Reduction) होता है।

2Cu + O2 ➡️ 2CuO

CuO + H2 ➡️ Cu + H2O

 


रेडॉक्स अभिक्रिया [Redox Reaction] –

जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में एक अभिकारक उपचयित तथा दूसरा अभिकारक अपचयित होता है। इन अभिक्रियाओं को उपचयन-अपचयन या रेडॉक्स अभिक्रिया कहते हैं।

redox reaction

 

रेडॉक्स अभिक्रिया के कुछ अन्य उदाहरण –

ZnO + C  ➡️  Zn + CO

MnO2 + 4HCl  ➡️  MnCl2 + 2H2O + Cl2

ऊपर दिए गए उदाहरण के आधार पर हम कह सकते हैं कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थ का ऑक्सीकरण तब होता है जब उसने ऑक्सीजन की वृद्धि या हाइड्रोजन का ह्रास होता है। अभिक्रिया में पदार्थ का अपचयन तब होता है जब उसमें ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है।

 

रेडॉक्स अभिक्रिया से जुड़ा तथ्य –
रेडेक्स शब्द अंग्रेजी के दो शब्दों से मिलकर बना है – Red + Ox जहाँ Red (रेड) का अर्थ होता है  Reduction (अपचयन) और  Ox (ऑक्स) का अर्थ होता है Oxidation (उपचयन या ऑक्सीकरण)। इसका अर्थ यह है इस अभिक्रिया में ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों अभिक्रियाएँ एक साथ होती हैं।

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